TY - BOOK AU - Pandita, Rahul. AU - Rahul Pandita TI - Meri Maa Ke Baees Kamre : : Kashmiri Pandito Ke Palayan Ki Kaljayi Katha SN - 9789355213624 U1 - 891.43 PAN PY - 2023/// CY - , Delhi PB - : Prabhat Prakashan KW - Fiction KW - Hindi Fiction KW - Kaljayi Katha N2 - राहुल पंडिता जब महज 14 वर्ष के थे तो उन्हें अपने परिवार सहित श्रीनगर से पलायन करना पड़ा था। वे मुस्लिम बहुल कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के कश्मीरी पंडित थे, जहाँ अस्सी के दशक के आखिर में भारत से 'आजादी' को लेकर लगातार उत्तेजना बढ़ती जा रही थी। 'मेरी माँ के बाईस कमरे' कश्मीर के दिल से निकली वह कहानी है, जिसमें इस्लामी उग्रवाद के कारण लाखों कश्मीरी पंडितों के उत्पीडऩ, हत्याओं और पलायन का दर्द छुपा है। यह एक ऐसी आपबीती है, जिसमें एक पूरा समुदाय बेघरबार होकर अपने ही देश में निर्वासितों का जीवन जीने को मजबूर हो जाता है। राहुल पंडिता की यह कहानी झकझोर कर रख देनेवाली है और इसे बार-बार कहा जाना जरूरी है, ताकि हम इतिहास से सबक ले सकें। ER -