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| 020 | _a9788183227414 | ||
| 028 |
_a: Zafaa Books & Distributors _b: 313/56F, 49A, Anand Nagar, Inderlok, Delhi _c: ZBD0226 _d: 3/11/2023 |
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| 082 | _a813.54 AKH | ||
| 100 | _aAkhtar, Javed. | ||
| 100 | _a;Mandloi, Arvind. | ||
| 245 |
_aKhwab Ke Gaon Mein. _c/Javed Akhtar. |
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| 260 |
_a, Noida _b: Manjul Publishing House _c, 2017 |
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| 300 |
_a71p. _c: 24cm. |
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| 365 | _b299 | ||
| 520 | _aजावेद अख़्तर जिंदगी के दिन-रात की आपाधापी. अच्छे-बुरे, सुख-दुःख, ख़ुशी और ग़म को फिल्म के सीने की तरह दर्शक के नज़रिये से देखते हैं. वे तमाम हालात जो ज़िन्दगी को चाहे खुशनुमा बनाते हों या फिक्रमंद और परेशां करते हों, उनको मुक्त भाव से जीते हैं और उनकी शख्शियत का यह कोण उन्हें दार्शनिकों की पंक्ति में खड़ा कर देता है|इस किताब में उनकी ही कही और लिखी बातों को लिया गया है, और हमें इसमें उनके द्वारा गहराई से महसूस की गई अभिव्यक्तियाँ मिलेंगी. | ||
| 650 | _aFiction | ||
| 650 | _aHindi Fiction | ||
| 650 | _aKhwab Ka Gaon | ||
| 650 | _aArvind Mandloi | ||
| 700 | _aJaved Akhtar. | ||
| 942 | _cCHILD BOOK | ||
| 999 |
_c61212 _d61212 |
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