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| 028 |
_a: Raghav Books Private Limited _b: 2/25, First Floor Arun House, Ansari Road, Darya Ganj, New Delhi _c: 2659 _d: 8/5/2026 |
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| 100 | _aSingh, Santosh. | ||
| 100 | _a; Anmol, Aditya. | ||
| 245 |
_aThe Jannayak Karpoori Thakur Hindi _c/ Santosh Singh. |
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| 260 |
_a, Gurugram _b: Penguin Swadesh _c, 2025. |
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| 300 |
_axlvi, 360p. _c: 18cm. |
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| 365 | _b419 | ||
| 520 | _aकर्पूरी ठाकुर, जिन्हें अकसर जननायक कहा जाता है, बिहार के एक दिग्गज नेता थे, जिनका भारतीय राजनीति पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव था। वर्ष 2024 की शुरुआत में, समाज में उनके असाधारण योगदान के सम्मान में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनकी जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में, यह जीवनी ठाकुर के जीवन, विरासत और स्थायी प्रासंगिकता को प्रकाश में लाती है। यह उनकी राजनीति पर केंद्रित है, जिसने ‘कोटा विदिन कोटा’ की शुरुआत की और 1978 में पिछड़े वर्गों और महिलाओं के बीच आरक्षण को विभाजित करने में उनकी भूमिका की झलक दिखाती है। गहन शोध पर आधारित, रोचक और अविस्मरणीय। कर्पूरी ठाकुर भारतीय राजनीति और समाज के जटिल परिदृश्य को समझने के इच्छुक पाठकों के लिए एक प्रकाश-स्तंभ साबित होने का वादा करती है। | ||
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| 650 | _aBejubanon Ki Awaaz | ||
| 650 | _aबेजुबानों की आवाज़ | ||
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