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Bangladesh Mein Hindu Sanhaar. / Salam Azad.

By: Contributor(s): Material type: TextTextPublisher number: : Zafaa Books & Distributors | : 313/56F, 49A, Anand Nagar, Inderlok, Delhi.Publication details: , New Delhi : Vani Prakashan , 2005.Description: 172p. : 24cmISBN:
  • 9789352293056
Subject(s): DDC classification:
  • 914.126 AZA
Summary: बांग्लादेश में एक ऐसा अल्पसंख्यक समुदाय होने के नाते, जिसकी भाषा और धर्म वहीं है, जोकि पश्चिम बंगाल की भारतीय आबादियों की है, हिन्दुओं के साथ बांग्लादेश में भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया है और साथ ही वहाँ के मुसलमानों द्वारा उन पर हमले किये गये हैं। आजादी के बाद से बांग्लादेश की किसी भी सरकार द्वारा राजनीतिक खतरों के चलते जिनमें इस समय किये जा रहे हमले भी शामिल हैं, हिन्दुओं को बचाने के लिए कोई निर्णायक कदम नहीं उठाये गये हैं। उदाहरण के लिए बांग्लादेश की सरकारों ने अभी तक निहित सम्पत्ति-अधिनियम को रद्द नहीं किया है जिसके अन्तर्गत भारत और पाकिस्तान को उन लोगों की सम्पत्ति जब्त करने की अनुमति प्रदान की गयी जो 1965 के युद्ध के दौरान तक दूसरे की सीमाओं के पार चले गये थे। भारत ने युद्ध समाप्त होने के फौरन बाद ही इसे रद्द कर दिया था। पाकिस्तान ने इसे बनाये रखा और बांग्लादेश ने भी जो पहले पूर्वी पाकिस्तान था। बांग्लादेश में रहने वाले लगभग सभी हिन्दू इस अधिनियम से प्रभावित हुए हैं, क्योंकि कई मौकों पर लगभग दस हेक्टेयर भूमि हिन्दुओं से केवल इस आरोप पर छीन ली गयी है कि उन्होंने देश छोड़ दिया था। इससे हिन्दुओं का मनोबल गिरा है और उनकी आर्थिक हानि हुई है, जिसके कारण वे देश छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।
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Books Books SNU LIBRARY 914.126 AZA (Browse shelf(Opens below)) Available Rural Management 29685
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बांग्लादेश में एक ऐसा अल्पसंख्यक समुदाय होने के नाते, जिसकी भाषा और धर्म वहीं है, जोकि पश्चिम बंगाल की भारतीय आबादियों की है, हिन्दुओं के साथ बांग्लादेश में भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया है और साथ ही वहाँ के मुसलमानों द्वारा उन पर हमले किये गये हैं। आजादी के बाद से बांग्लादेश की किसी भी सरकार द्वारा राजनीतिक खतरों के चलते जिनमें इस समय किये जा रहे हमले भी शामिल हैं, हिन्दुओं को बचाने के लिए कोई निर्णायक कदम नहीं उठाये गये हैं। उदाहरण के लिए बांग्लादेश की सरकारों ने अभी तक निहित सम्पत्ति-अधिनियम को रद्द नहीं किया है जिसके अन्तर्गत भारत और पाकिस्तान को उन लोगों की सम्पत्ति जब्त करने की अनुमति प्रदान की गयी जो 1965 के युद्ध के दौरान तक दूसरे की सीमाओं के पार चले गये थे। भारत ने युद्ध समाप्त होने के फौरन बाद ही इसे रद्द कर दिया था। पाकिस्तान ने इसे बनाये रखा और बांग्लादेश ने भी जो पहले पूर्वी पाकिस्तान था। बांग्लादेश में रहने वाले लगभग सभी हिन्दू इस अधिनियम से प्रभावित हुए हैं, क्योंकि कई मौकों पर लगभग दस हेक्टेयर भूमि हिन्दुओं से केवल इस आरोप पर छीन ली गयी है कि उन्होंने देश छोड़ दिया था। इससे हिन्दुओं का मनोबल गिरा है और उनकी आर्थिक हानि हुई है, जिसके कारण वे देश छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।

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