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Chetna ka ek Antheen Mahasagar. : One Ocean of Unbounded Conciousness. / Tony Nadar.

By: Material type: TextTextPublisher number: : Donated by VC OfficePublication details: ,New Delhi : K B D Publication ,2023.Edition: :2nd edDescription: xvii,299p. :24cmISBN:
  • 9788196026011
Subject(s): DDC classification:
  • 153 NAD
Summary: क्या जीवन में कोई छिपा उद्देश्य है? क्या इसका कोई एक गोपनीय डिजाइन या एक सार्थक तर्क है? क्या जीवन में एक लक्ष्य है, जिसे प्राप्त किया जाना है? हम कहाँ से आते हैं और जाने के बाद हम कहाँ जाते हैं? हमें जीवन में क्यों लडऩा चाहिए? क्या हम चुन सकते हैं? क्या हम स्वतंत्र हैं या नियति के दास हैं? हम क्या प्रकृति के नियमों के अधीन हैं या फिर ईश्वर के? उन संवेदनशील प्राणियों के लिए, जो अपने जीवन पर नियंत्रण रखना चाहते हैं, ये प्रश्न मौलिक हैं, और इनके विषय में हर कोई धारणा बना लेता है या उनमें से कई के बारे में दृढ़ता से विश्वास करते है। वे विश्वास हमारे अंतर्निहित 'ब्रह्मांड बन जाते हैं, जो हम जो कुछ भी करते हैं उसे प्रभावित करते हैं। मैंने यह ठीक से समझने के लिए चिकित्सा, मनोरोग और तंत्रिका विज्ञान के अध्ययन की ओर रुख किया। जब हम इतने समान हैं तो हम अपनी राय, मानसिकता और दृष्टिकोण में इतने भिन्न कैसे हो सकते हैं। मेरे मौलिक सवालों के उत्तर वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से अत्यंत जटिल और सारगर्भित थे। यह ट्रांसेंडैंटल मेडिटेशन टीएम था, जिसने मुझे विश्लेषण और अनुमान के बजाय प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से उनका पता लगाने की अनुमति दी। यह पुस्तक ज्ञान के सभी साधकों, वैज्ञानिकों, दार्शनिकों, शिक्षकों, बुद्धिमान नेताओं और मार्गदर्शकों को समर्पित है, जो इस रहस्य का अध्ययन करते हैं कि प्रकृति कैसे काम करती है और प्रकृति कैसे पृथ्वी पर जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करती है?
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Books Books SNU LIBRARY 153 NAD (Browse shelf(Opens below)) Available G3236
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क्या जीवन में कोई छिपा उद्देश्य है? क्या इसका कोई एक गोपनीय डिजाइन या एक सार्थक तर्क है? क्या जीवन में एक लक्ष्य है, जिसे प्राप्त किया जाना है? हम कहाँ से आते हैं और जाने के बाद हम कहाँ जाते हैं? हमें जीवन में क्यों लडऩा चाहिए? क्या हम चुन सकते हैं? क्या हम स्वतंत्र हैं या नियति के दास हैं? हम क्या प्रकृति के नियमों के अधीन हैं या फिर ईश्वर के?

उन संवेदनशील प्राणियों के लिए, जो अपने जीवन पर नियंत्रण रखना चाहते हैं, ये प्रश्न मौलिक हैं, और इनके विषय में हर कोई धारणा बना लेता है या उनमें से कई के बारे में दृढ़ता से विश्वास करते है। वे विश्वास हमारे अंतर्निहित 'ब्रह्मांड बन जाते हैं, जो हम जो कुछ भी करते हैं उसे प्रभावित करते हैं।

मैंने यह ठीक से समझने के लिए चिकित्सा, मनोरोग और तंत्रिका विज्ञान के अध्ययन की ओर रुख किया। जब हम इतने समान हैं तो हम अपनी राय, मानसिकता और दृष्टिकोण में इतने भिन्न कैसे हो सकते हैं। मेरे मौलिक सवालों के उत्तर वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से अत्यंत जटिल और सारगर्भित थे। यह ट्रांसेंडैंटल मेडिटेशन टीएम था, जिसने मुझे विश्लेषण और अनुमान के बजाय प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से उनका पता लगाने की अनुमति दी।

यह पुस्तक ज्ञान के सभी साधकों, वैज्ञानिकों, दार्शनिकों, शिक्षकों, बुद्धिमान नेताओं और मार्गदर्शकों को समर्पित है, जो इस रहस्य का अध्ययन करते हैं कि प्रकृति कैसे काम करती है और प्रकृति कैसे पृथ्वी पर जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करती है?

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